अब जमीन खरीद पर नहीं देनी होगी स्टांप ड्यूटी, सरकार लाई नई योजना
उत्तर प्रदेश सरकार ने जमीन खरीदने वालों को बड़ी राहत दी है। नई योजना के तहत अब पात्र लोगों को स्टांप ड्यूटी नहीं देनी होगी। जानिए इस सुविधा का लाभ कैसे उठाएं।
स्टांप ड्यूटी नहीं देनी होगी
उत्तर प्रदेश सरकार ने अब एक ऐसी नई योजना शुरू की है जिससे आम लोगों को जमीन खरीदने में बड़ा फायदा मिलने वाला है। खासकर उन लोगों को जो मुर्गी पालन जैसे स्वरोजगार से जुड़ना चाहते हैं। इस योजना के तहत अब उन्हें जमीन खरीदने पर कोई स्टांप ड्यूटी नहीं देनी होगी। सरकार ने साफ किया है कि अगर कोई व्यक्ति इस योजना के अंतर्गत जमीन खरीदता है, तो उसका स्टांप शुल्क सरकार खुद वहन करेगी।
कुक्कुट विकास नीति
यह सुविधा उन लोगों के लिए है जो अपने नाम पर पोल्ट्री फार्म खोलना चाहते हैं और उनके पास पहले से जमीन नहीं है। कुक्कुट विकास नीति 2022 के तहत राज्य सरकार का उद्देश्य है कि ज्यादा से ज्यादा युवा और किसान पशुपालन जैसे व्यवसाय से जुड़ें और आत्मनिर्भर बनें। इसी कड़ी में सरकार अब न सिर्फ मुर्गी फार्म खोलने के लिए लोन की व्यवस्था कर रही है, बल्कि जमीन खरीदने पर लगने वाला बड़ा खर्च यानी स्टांप शुल्क भी खुद दे रही है।
For More Such Information, Keep Reading at Aadhaar Seeding
पोल्ट्री फार्म योजना
इस योजना के जरिए सरकार का दोहरा मकसद है – एक तरफ ग्रामीण युवाओं को स्वरोजगार देना, दूसरी तरफ प्रदेश को अंडा उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाना। अब तक की व्यवस्था में जमीन खरीदते समय रजिस्ट्री पर 5 से 7 प्रतिशत तक का स्टांप शुल्क लगता था, जो लाखों रुपये में होता है। लेकिन अब जो लोग इस योजना के तहत फार्म शुरू करना चाहते हैं, उन्हें ये बोझ उठाने की जरूरत नहीं होगी।
आवेदन
पशुपालन विभाग में जाकर योजना के तहत आवेदन करने वाले पात्र लाभार्थियों को न सिर्फ लोन मिलेगा, बल्कि बिजली की मुफ्त सुविधा और ब्याज में छूट जैसी दूसरी मदद भी मिलेगी। लेकिन सबसे बड़ी राहत जमीन की खरीद पर मिलने वाली यह छूट है, जिससे शुरुआत में लगने वाला भारी निवेश काफी हद तक कम हो जाएगा।
अगर आप भी मुर्गी पालन या किसी अन्य कुक्कुट व्यापार की शुरुआत करना चाहते हैं और जमीन खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो यह सरकारी स्कीम आपके लिए सुनहरा मौका है। इसके लिए विकास भवन में स्थित पशुपालन विभाग के कार्यालय में जाकर अधिक जानकारी और आवेदन किया जा सकता है।
सरकार की इस पहल से यह साफ है कि अब आत्मनिर्भर भारत का सपना सिर्फ बातों में नहीं, जमीनी स्तर पर साकार होता नजर आ रहा है।
