UIDAI ने लॉन्च किया Aadhaar Face Authentication SDK और Sandbox

UIDAI ने Aadhaar Face Authentication को डिजिटल ऐप्स में इस्तेमाल करने के तरीके को आसान बनाने के लिए एक नया Aadhaar Face Authentication SDK और Aadhaar Face Authentication Sandbox लॉन्च किया है। दोनों सुविधाओं की घोषणा Global Fintech Fest 2026 में 9 सितंबर 2026 को की गई।

इस पहल का उद्देश्य बैंकों, फिनटेक कंपनियों, बीमा कंपनियों, सरकारी विभागों और अन्य अधिकृत संस्थाओं को अपने मोबाइल ऐप में Aadhaar Face Authentication को जोड़ने और उसका परीक्षण करने के लिए जरूरी तकनीकी सुविधाएं उपलब्ध कराना है।

Aadhaar Face Authentication SDK क्या है?

SDK यानी Software Development Kit एक ऐसा सॉफ्टवेयर पैकेज है जिसे डेवलपर किसी ऐप में विशेष सुविधा जोड़ने के लिए इस्तेमाल कर सकते हैं।

UIDAI का नया Face Authentication SDK अधिकृत संस्थाओं को अपने Android और iOS मोबाइल ऐप में Aadhaar Face Authentication को सीधे शामिल करने की सुविधा देता है। इसका मतलब यह है कि यदि कोई बैंक, बीमा कंपनी या अन्य सेवा प्रदाता अपने ऐप में इस सुविधा को लागू करता है, तो यूजर को Face Authentication के लिए अलग ऐप पर जाने की जरूरत कम हो सकती है।

पहले Face Authentication में क्या होता था?

इससे पहले Aadhaar Face Authentication की प्रक्रिया में FaceRD ऐप की भूमिका होती थी। इससे कुछ मामलों में यूजर को मुख्य ऐप से अलग एप्लिकेशन पर जाना पड़ता था।

नए SDK के जरिए अधिकृत संस्थाएं Face Authentication की सुविधा को अपने ही मोबाइल एप्लिकेशन में शामिल कर सकती हैं। इससे यूजर के लिए ऐप बदलने वाले अतिरिक्त चरण को कम किया जा सकता है।

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Aadhaar Face Authentication Sandbox क्या है?

UIDAI ने SDK के साथ Aadhaar Face Authentication Sandbox भी शुरू किया है।

यह एक नियंत्रित टेस्टिंग वातावरण है, जिसका इस्तेमाल डेवलपर्स और क्वालिटी-एश्योरेंस टीम किसी ऐप को वास्तविक उपयोग के लिए उपलब्ध कराने से पहले Face Authentication की प्रक्रिया को जांचने के लिए कर सकती हैं।

Sandbox में पूरी authentication journey के अलग-अलग चरणों का परीक्षण किया जा सकता है। इसमें यूजर प्रोविजनिंग, सहमति, चेहरे की तस्वीर लेना, liveness check, authentication और response validation जैसे चरण शामिल हैं।

Sandbox में किन परिस्थितियों की जांच की जा सकती है?

UIDAI के अनुसार Sandbox केवल सामान्य authentication प्रक्रिया की जांच तक सीमित नहीं है। इसमें कुछ ऐसी परिस्थितियों का भी परीक्षण किया जा सकता है जिनमें authentication प्रक्रिया सफल नहीं होती।

उदाहरण के तौर पर डेवलपर इन स्थितियों को टेस्ट कर सकते हैं:

  • गलत digital signature
  • नेटवर्क में रुकावट
  • authentication timeout
  • error handling
  • response validation
  • spoofing attempts
  • liveness verification
  • face capture से संबंधित चरण

इस परीक्षण के लिए बाहरी biometric hardware की आवश्यकता नहीं होती।

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Face Authentication में AI और ML का इस्तेमाल

नए SDK में Artificial Intelligence और Machine Learning आधारित liveness detection तथा anti-spoofing सुविधाएं शामिल हैं।

Liveness detection का उद्देश्य यह जांचना है कि authentication प्रक्रिया के दौरान कैमरे के सामने वास्तविक व्यक्ति मौजूद है। Anti-spoofing तकनीक का इस्तेमाल नकली या कृत्रिम तरीके से authentication प्रक्रिया को प्रभावित करने वाले प्रयासों की पहचान में किया जाता है।

UIDAI के अनुसार SDK authentication data की सुरक्षित handling और encryption को भी सपोर्ट करता है।

बैंक और फिनटेक कंपनियों के लिए क्या बदलेगा?

इस सुविधा का उपयोग बैंकिंग और फाइनेंशियल टेक्नोलॉजी क्षेत्र की कंपनियां अपने डिजिटल onboarding और verification workflows में कर सकती हैं।

उदाहरण के लिए, किसी बैंकिंग या फिनटेक ऐप में Aadhaar-based face authentication की जरूरत होने पर संबंधित संस्था इस सुविधा को अपने ऐप में integrate कर सकती है। इससे यूजर के लिए authentication journey एक ही ऐप के भीतर पूरी करने की संभावना बनती है।

UIDAI ने BFSI संस्थाओं के लिए “Playbook on Ease of Onboarding” भी जारी किया है। यह दस्तावेज UIDAI authentication ecosystem में शामिल होने की प्रक्रिया को समझने में संस्थाओं की सहायता के लिए तैयार किया गया है।

Aadhaar Face Authentication कब शुरू हुआ था?

UIDAI की Face Authentication तकनीक को वर्ष 2021 में शुरू किया गया था।

UIDAI द्वारा जारी जानकारी के अनुसार, इस तकनीक के माध्यम से अब तक 500 करोड़ से अधिक authentication transactions किए जा चुके हैं और लगभग 200 संस्थाएं इसे अपना चुकी हैं। इनमें केंद्र और राज्य सरकारों के विभाग, बैंक, NBFC, टेलीकॉम कंपनियां, ब्रोकरेज फर्म और अन्य संस्थाएं शामिल हैं।

Aadhaar Face Authentication का इस्तेमाल कहां होता है?

UIDAI के अनुसार Face Authentication का इस्तेमाल कई प्रकार की सेवाओं में किया जा रहा है। इनमें पेंशनभोगियों के Digital Life Certificate यानी Jeevan Pramaan से जुड़े कार्य, Ayushman Bharat beneficiary onboarding, कुछ DBT सेवाएं, Aadhaar-enabled payments, SIM activation के लिए e-KYC और विभिन्न सरकारी योजनाओं के beneficiary authentication जैसे उपयोग शामिल हैं।

Face Authentication कैसे काम करता है?

UIDAI के अनुसार Face Authentication में व्यक्ति के चेहरे की authentication के दौरान ली गई तस्वीर का मिलान उसके Aadhaar number से जुड़े enrollment के समय उपलब्ध facial image से किया जाता है।

यह 1:1 matching प्रक्रिया है। यानी सिस्टम किसी बड़े database में किसी अज्ञात व्यक्ति की पहचान खोजने के बजाय संबंधित Aadhaar number holder के रिकॉर्ड से चेहरे का मिलान करता है। UIDAI यह भी बताता है कि Face Authentication consent-based प्रक्रिया है।

क्या हर ऐप में यह सुविधा तुरंत उपलब्ध होगी?

नहीं। SDK जारी होने का अर्थ यह नहीं है कि प्रत्येक बैंक, बीमा कंपनी या अन्य मोबाइल ऐप में Face Authentication तुरंत उपलब्ध हो जाएगा।

किसी संस्था को अपनी ऐप में इस सुविधा को integrate और deploy करना होगा। इसलिए यूजर को यह सुविधा अलग-अलग सेवाओं में उस संस्था द्वारा अपनाए जाने के बाद दिखाई देगी।

किन संस्थाओं ने SDK का परीक्षण किया?

UIDAI के अनुसार Kotak Mahindra Bank, Bajaj Finance Limited और Airtel Payments Bank ने Aadhaar Face Authentication SDK के Proof of Concept (PoC) परीक्षण को पूरा किया और शुरुआती adopters के रूप में सामने आए।

वहीं Motilal Oswal Financial Services Limited और Poonawalla Fincorp ने Aadhaar Face Authentication Sandbox के शुरुआती उपयोगकर्ताओं के रूप में परीक्षण और validation में योगदान दिया।

यूजर्स के लिए इसका क्या मतलब है?

इस बदलाव का मुख्य असर authentication experience पर पड़ सकता है। जिन संस्थाओं के ऐप में नया SDK लागू किया जाएगा, वहां यूजर को Aadhaar Face Authentication के लिए अलग एप्लिकेशन पर जाने की जरूरत नहीं पड़ सकती।

हालांकि, यह सुविधा तभी उपलब्ध होगी जब संबंधित संस्था इसे अपने अधिकृत ऐप में लागू करे। इसलिए किसी ऐप में यह विकल्प दिखाई न देने का मतलब यह नहीं है कि Aadhaar Face Authentication सेवा बंद है।

Aadhaar Face Authentication SDK और Sandbox के मुख्य बिंदु

विषयजानकारी
लॉन्च करने वाली संस्थाUIDAI
लॉन्च इवेंटGlobal Fintech Fest 2026
लॉन्च की तारीख9 सितंबर 2026
नई सुविधाAadhaar Face Authentication SDK
टेस्टिंग प्लेटफॉर्मAadhaar Face Authentication Sandbox
मोबाइल प्लेटफॉर्मAndroid और iOS
तकनीकAI/ML आधारित liveness और anti-spoofing
मुख्य उद्देश्यऐप में Face Authentication को integrate करना
SDK टेस्ट करने वाले शुरुआती संस्थानKotak Mahindra Bank, Bajaj Finance, Airtel Payments Bank
Face Authentication की शुरुआत2021
कुल transactions500 करोड़ से अधिक
अपनाने वाली संस्थाएंलगभग 200

निष्कर्ष

UIDAI का नया Aadhaar Face Authentication SDK और Sandbox डिजिटल पहचान सत्यापन के क्षेत्र में डेवलपर्स और अधिकृत संस्थाओं के लिए नई integration और testing सुविधाएं उपलब्ध कराता है।

SDK की मदद से Aadhaar Face Authentication को Android और iOS ऐप में सीधे जोड़ा जा सकता है, जबकि Sandbox deployment से पहले पूरी authentication प्रक्रिया और अलग-अलग error scenarios की जांच करने के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है।

यूजर्स के लिए इसका सबसे दिखाई देने वाला बदलाव यह हो सकता है कि जिन बैंक, बीमा या अन्य अधिकृत ऐप्स में यह सुविधा लागू की जाएगी, उनमें Aadhaar Face Authentication की प्रक्रिया उसी ऐप के भीतर पूरी की जा सकेगी।

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