PM Rahat Yojana 2026: सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति के लिए इलाज का खर्च सबसे बड़ी चिंता बन सकता है। इसी समस्या को ध्यान में रखते हुए केंद्र सरकार ने PM RAHAT (Prime Minister – Road Accident Victims’ Hospitalisation and Assured Treatment) योजना शुरू की है। इसके तहत पात्र सड़क दुर्घटना पीड़ित को दुर्घटना की तारीख से अधिकतम 7 दिनों तक ₹1.5 लाख तक का कैशलेस उपचार मिल सकता है। यह सुविधा किसी भी श्रेणी की सड़क पर मोटर वाहन से हुई दुर्घटना के मामलों के लिए लागू है।
इस लेख में जानिए PM Rahat Yojana क्या है, किसे लाभ मिलेगा, ₹1.5 लाख कैसे मिलेगा, क्या आवेदन करना पड़ता है, कौन से अस्पताल में इलाज होगा, 112 पर कॉल करने पर क्या होता है और अस्पताल इलाज से मना करे तो शिकायत कैसे करें।
PM Rahat Yojana क्या है?
PM RAHAT केंद्र सरकार की सड़क दुर्घटना पीड़ितों के लिए शुरू की गई कैशलेस उपचार योजना है। इसका पूरा नाम Prime Minister – Road Accident Victims’ Hospitalisation and Assured Treatment है।
इस योजना का उद्देश्य सड़क दुर्घटना के बाद घायल व्यक्ति को जल्द से जल्द चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना है, ताकि पैसों की कमी के कारण इलाज में देरी न हो। योजना को देशभर में 13 फरवरी 2026 से लागू किया गया।
योजना का कानूनी आधार मोटर वाहन अधिनियम, 1988 की धारा 162 है। इसके लिए पहले 5 मई 2025 को अधिसूचना जारी की गई और इसके बाद 4 जून 2025 को विस्तृत दिशानिर्देश जारी किए गए।
PM Rahat Yojana के मुख्य लाभ
| जानकारी | विवरण |
|---|---|
| योजना का नाम | PM RAHAT |
| पूरा नाम | Prime Minister – Road Accident Victims’ Hospitalisation and Assured Treatment |
| शुरुआत | 13 फरवरी 2026 |
| लाभार्थी | पात्र सड़क दुर्घटना पीड़ित |
| इलाज की सीमा | ₹1.5 लाख तक |
| इलाज की अवधि | दुर्घटना की तारीख से अधिकतम 7 दिन |
| इलाज का प्रकार | कैशलेस |
| सड़क | किसी भी श्रेणी की सड़क |
| आपातकालीन नंबर | 112 |
| प्रमुख डिजिटल सिस्टम | eDAR और TMS 2.0 |
उपरोक्त प्रावधान केंद्र सरकार द्वारा जारी PM RAHAT संबंधी आधिकारिक जानकारी में दिए गए हैं।
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PM Rahat Yojana में ₹1.5 लाख का लाभ कैसे मिलता है?
PM RAHAT में ₹1.5 लाख किसी व्यक्ति के बैंक खाते में नकद नहीं भेजे जाते। यह कैशलेस इलाज की सीमा है।
यदि सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति योजना के तहत पात्र है, तो निर्धारित अस्पताल में उसके उपचार का खर्च योजना के नियमों के अनुसार कवर किया जाता है। इसलिए इसे ₹1.5 लाख की आर्थिक सहायता योजना समझना सही नहीं है।
योजना के तहत उपचार की अधिकतम सीमा प्रति पीड़ित ₹1.5 लाख और अधिकतम अवधि दुर्घटना की तारीख से 7 दिन है।
PM Rahat Yojana के लिए कौन पात्र है?
योजना सड़क दुर्घटना में घायल उन पीड़ितों के लिए है जिनकी दुर्घटना मोटर वाहन के उपयोग के कारण हुई है।
इसमें दुर्घटना किसी खास प्रकार की सड़क तक सीमित नहीं है। यानी योजना के प्रावधानों के अनुसार राष्ट्रीय राजमार्ग, राज्य सड़क या अन्य श्रेणी की सड़क पर हुई संबंधित दुर्घटना भी इसके दायरे में आ सकती है।
क्या PM Rahat के लिए आयुष्मान कार्ड जरूरी है?
PM RAHAT का लाभ लेने के लिए इसे सामान्य आयुष्मान कार्ड-आधारित योजना समझना सही नहीं है।
PM RAHAT के लिए अलग डिजिटल व्यवस्था बनाई गई है। हालांकि, आधिकारिक दिशानिर्देशों का पालन करने वाले AB PM-JAY में सूचीबद्ध अस्पतालों को PM RAHAT के लिए designated hospital माना जा सकता है। इसके अलावा राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को अतिरिक्त अस्पतालों को भी नामित करने के लिए कहा गया है।
इसलिए केवल यह मान लेना कि “आयुष्मान कार्ड नहीं है तो PM Rahat का लाभ नहीं मिलेगा” सही जानकारी नहीं होगी।
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PM Rahat Yojana में आवेदन कैसे करें?
यह योजना सामान्य सरकारी योजनाओं की तरह ऐसी नहीं है जिसमें लाभ लेने से पहले ऑनलाइन फॉर्म भरकर आवेदन करना पड़े।
सड़क दुर्घटना होने के बाद संबंधित प्रक्रिया पुलिस, अस्पताल और डिजिटल सिस्टम के माध्यम से आगे बढ़ती है। PM RAHAT में eDAR और TMS 2.0 को जोड़ा गया है, जिससे दुर्घटना की जानकारी और उपचार से जुड़े रिकॉर्ड को डिजिटल रूप से जोड़ा जा सके।
दुर्घटना होने पर क्या करें?
- दुर्घटना होने पर तुरंत 112 पर कॉल करें।
- घायल व्यक्ति को नजदीकी designated hospital तक पहुंचाने की व्यवस्था करें।
- पुलिस दुर्घटना की जानकारी को डिजिटल सिस्टम में दर्ज करती है।
- अस्पताल योजना के तहत उपचार की प्रक्रिया आगे बढ़ाता है।
- पात्रता और आवश्यक सत्यापन के बाद कैशलेस उपचार उपलब्ध कराया जाता है।
- अस्पताल उपचार का दावा संबंधित व्यवस्था के माध्यम से प्रस्तुत करता है।
112 सिस्टम को PM RAHAT के साथ जोड़ा गया है ताकि दुर्घटना स्थल से नजदीकी designated hospital की जानकारी और एंबुलेंस सहायता प्राप्त की जा सके।
112 पर कॉल करने से क्या फायदा होगा?
PM RAHAT को Emergency Response Support System (ERSS) 112 से जोड़ा गया है।
दुर्घटना स्थल पर मौजूद घायल व्यक्ति, राहगीर या Good Samaritan (Rah-Veer) 112 पर संपर्क करके नजदीकी designated hospital की जानकारी प्राप्त कर सकता है और जरूरत पड़ने पर एंबुलेंस सहायता मांग सकता है।
इसका उद्देश्य दुर्घटना के बाद शुरुआती समय में चिकित्सा सहायता तक पहुंच को तेज करना है।
Golden Hour क्या है?
सड़क दुर्घटना के बाद शुरुआती समय को चिकित्सा दृष्टि से बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है। इसे आम तौर पर Golden Hour कहा जाता है।
PM RAHAT का एक प्रमुख उद्देश्य दुर्घटना के बाद घायल व्यक्ति को जल्द चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना है। सरकार ने योजना को इसी आपातकालीन उपचार व्यवस्था से जोड़ा है।
PM Rahat में कितने समय तक इलाज मिलेगा?
योजना में उपचार की अधिकतम सीमा दुर्घटना की तारीख से 7 दिन है और प्रति पीड़ित उपचार कवर ₹1.5 लाख तक है।
इसके अलावा stabilization treatment के लिए आधिकारिक प्रावधानों में:
- Non-life-threatening case: अधिकतम 24 घंटे तक
- Life-threatening case: अधिकतम 48 घंटे तक
का प्रावधान बताया गया है, जो निर्धारित प्रक्रिया और पुलिस authentication के अधीन है।
PM Rahat में कौन से अस्पताल शामिल हैं?
PM RAHAT के तहत designated hospitals में उपचार उपलब्ध कराया जाता है।
आधिकारिक जानकारी के अनुसार, ऐसे AB PM-JAY empanelled hospitals जो PM RAHAT के लिए NHA द्वारा निर्धारित दिशानिर्देशों का पालन करते हैं, योजना के लिए designated hospital माने जाते हैं। राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को जरूरत के अनुसार अतिरिक्त अस्पतालों को नामित करने के लिए भी कहा गया है।
इसलिए अपने क्षेत्र में अस्पताल की स्थिति दुर्घटना के समय संबंधित सरकारी व्यवस्था से सत्यापित करना बेहतर है।
अगर अस्पताल PM Rahat के तहत इलाज से मना करे तो क्या करें?
आधिकारिक दिशा-निर्देशों के अनुसार योजना के अंतर्गत अस्पताल द्वारा admission या treatment से इनकार करना अनुपालन संबंधी समस्या माना जा सकता है।
शिकायतों के समाधान के लिए जिला स्तर पर grievance redressal व्यवस्था बनाई गई है। अगस्त 2026 की सरकारी जानकारी के अनुसार जिला रोड सेफ्टी कमिटी द्वारा नियुक्त Grievance Redressal Officer (GRO) शिकायतों को देखता है।
इसलिए इलाज से जुड़ी समस्या होने पर दुर्घटना से संबंधित दस्तावेज और अस्पताल की जानकारी सुरक्षित रखना उपयोगी है।
PM Rahat Yojana का पैसा कौन देता है?
PM RAHAT में मरीज से इलाज का पैसा पहले लेने के बजाय अस्पताल को निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार भुगतान किया जाता है।
अस्पतालों के reimbursement के लिए Motor Vehicle Accident Fund (MVAF) का इस्तेमाल किया जाता है। आधिकारिक जानकारी के अनुसार insured vehicle से जुड़े मामलों में General Insurance कंपनियों का योगदान और uninsured तथा hit-and-run मामलों में बजटीय सहायता का प्रावधान है।
PM Rahat Yojana की वर्तमान स्थिति 2026
केंद्र सरकार की 12 अगस्त 2026 की आधिकारिक जानकारी के अनुसार, 13 फरवरी 2026 से 31 जुलाई 2026 तक PM RAHAT योजना के तहत देशभर में 22,481 सड़क दुर्घटना पीड़ितों को लाभ मिला था।
इसी अवधि में State Health Agencies ने अस्पतालों द्वारा उठाए गए दावों में से ₹12.59 करोड़ के दावे स्वीकृत किए थे और ₹10.56 करोड़ का भुगतान अस्पतालों को किया जा चुका था।
यह आंकड़े 31 जुलाई 2026 तक की स्थिति को दर्शाते हैं, इसलिए इन्हें पूरे वर्ष का अंतिम आंकड़ा नहीं माना जाना चाहिए।
PM Rahat Yojana और Ayushman Bharat में अंतर
दोनों को एक ही योजना समझना सही नहीं है।
PM RAHAT विशेष रूप से मोटर वाहन से हुई सड़क दुर्घटनाओं के पात्र पीड़ितों के तत्काल कैशलेस उपचार पर केंद्रित है। इसमें ₹1.5 लाख तक का उपचार कवर और दुर्घटना की तारीख से अधिकतम 7 दिन की सीमा है।
वहीं Ayushman Bharat PM-JAY एक अलग स्वास्थ्य सुरक्षा योजना है, जिसके अपने पात्रता और उपचार संबंधी नियम हैं।
हालांकि PM RAHAT के लिए योग्य कुछ AB PM-JAY empanelled hospitals designated hospitals के रूप में काम कर सकते हैं।
PM Rahat Yojana में ध्यान रखने वाली बातें
- ₹1.5 लाख कैश में मिलने वाली सहायता नहीं, बल्कि अधिकतम कैशलेस treatment cover है।
- उपचार की अधिकतम अवधि दुर्घटना की तारीख से 7 दिन है।
- योजना मोटर वाहन के कारण हुई सड़क दुर्घटनाओं के पात्र मामलों से संबंधित है।
- दुर्घटना के समय 112 पर संपर्क करना उपयोगी है।
- हर अस्पताल PM RAHAT के लिए अपने-आप designated नहीं माना जाना चाहिए।
- योजना की प्रक्रिया में पुलिस और डिजिटल accident-reporting system की भूमिका है।
- eDAR और NHA का TMS 2.0 आपस में जुड़े हुए हैं।
- अस्पताल द्वारा इलाज से इनकार की स्थिति में grievance mechanism उपलब्ध है।
PM Rahat Yojana FAQs
PM Rahat Yojana क्या है?
PM RAHAT सड़क दुर्घटना में घायल पात्र लोगों के लिए केंद्र सरकार की कैशलेस उपचार योजना है। इसके तहत ₹1.5 लाख तक का इलाज अधिकतम 7 दिनों तक उपलब्ध कराया जा सकता है।
PM Rahat Yojana में कितने रुपये मिलते हैं?
इस योजना में लाभार्थी के खाते में ₹1.5 लाख नहीं भेजे जाते। पात्र पीड़ित के उपचार के लिए ₹1.5 लाख तक का कैशलेस treatment cover उपलब्ध है।
PM Rahat Yojana कब शुरू हुई?
PM RAHAT को देशभर में 13 फरवरी 2026 से लागू किया गया।
क्या PM Rahat Yojana में ऑनलाइन आवेदन करना पड़ता है?
सामान्य अर्थ में पहले से ऑनलाइन आवेदन करके लाभ लेने की व्यवस्था नहीं है। दुर्घटना के बाद पुलिस, अस्पताल और संबंधित डिजिटल सिस्टम के माध्यम से प्रक्रिया आगे बढ़ती है।
PM Rahat Yojana का लाभ किसे मिलता है?
मोटर वाहन के उपयोग से हुई सड़क दुर्घटना में घायल पात्र पीड़ितों को योजना के प्रावधानों के अनुसार लाभ मिल सकता है।
क्या PM Rahat में ₹1.5 लाख का इलाज मुफ्त है?
पात्र मामलों में योजना के तहत कैशलेस उपचार उपलब्ध कराया जाता है, जिसकी अधिकतम सीमा ₹1.5 लाख प्रति पीड़ित है और उपचार अवधि दुर्घटना की तारीख से अधिकतम 7 दिन है।
PM Rahat के लिए कौन सा हेल्पलाइन नंबर है?
दुर्घटना की स्थिति में emergency assistance के लिए 112 पर संपर्क किया जा सकता है। PM RAHAT की अस्पताल संबंधी grievance व्यवस्था के लिए अलग प्रक्रियाएं भी निर्धारित हैं।
क्या PM Rahat पूरे भारत में लागू है?
PM RAHAT को 13 फरवरी 2026 से nationwide implementation के लिए लागू किया गया है। अगस्त 2026 की सरकारी रिपोर्ट में 34 राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों में लाभ मिलने की जानकारी दी गई थी।
PM Rahat में अस्पताल इलाज से मना कर सकता है?
योजना के तहत designated hospital द्वारा admission या treatment से इनकार करना योजना प्रावधानों के अनुरूप नहीं माना जा सकता और शिकायत के लिए grievance redressal mechanism उपलब्ध है।
PM Rahat Yojana 2026 सड़क दुर्घटना के बाद तत्काल इलाज उपलब्ध कराने के उद्देश्य से बनाई गई कैशलेस उपचार व्यवस्था है। इसके तहत पात्र सड़क दुर्घटना पीड़ित को ₹1.5 लाख तक का उपचार कवर, अधिकतम 7 दिनों के लिए मिल सकता है। योजना को 112 emergency response, पुलिस के eDAR सिस्टम और NHA के TMS 2.0 से जोड़ा गया है ताकि दुर्घटना के बाद उपचार की प्रक्रिया तेजी से शुरू हो सके।
सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि PM Rahat Yojana को ₹1.5 लाख की नकद सहायता योजना न समझें। यह सड़क दुर्घटना पीड़ितों के लिए कैशलेस इलाज की व्यवस्था है।