UGC Equity Regulations 2026: केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट में कहा- नियमों पर हो रहा पुनर्विचार
UGC Equity Regulations 2026 पर केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में बड़ा अपडेट दिया है। जानिए नियमों पर पुनर्विचार, कोर्ट के निर्देश और अब आगे क्या होगा।
UGC Equity Regulations 2026 पर केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में बड़ा अपडेट दिया है। जानिए नियमों पर पुनर्विचार, कोर्ट के निर्देश और अब आगे क्या होगा।
कलकत्ता हाई कोर्ट ने बच्चे के सर्वोत्तम हित को ध्यान में रखते हुए उचित परिस्थितियों में जन्म प्रमाण पत्र में सौतेले पिता का नाम दर्ज करने की अनुमति दी।
भारत में किरायेदारों के महत्वपूर्ण कानूनी अधिकार जानें, जिनमें अवैध बेदखली, प्राइवेसी, सिक्योरिटी डिपॉजिट, किराया बढ़ाने और मकान मालिक की दखल से सुरक्षा शामिल है।
शांतिपूर्ण विरोध लोकतंत्र का महत्वपूर्ण हिस्सा है। जानिए भारत में प्रदर्शन के अधिकार, सार्वजनिक व्यवस्था, निगरानी और भूख हड़ताल के लिए स्पष्ट कानूनी ढांचे की जरूरत क्यों है।
सुप्रीम कोर्ट ने बाल कस्टडी विवाद में फैमिली कोर्ट के रुख पर चिंता जताई और कर्नाटक हाई कोर्ट द्वारा तय मुलाकात व्यवस्था का पालन करने का निर्देश दिया।
दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा कि पति भरण-पोषण की जिम्मेदारी से बचने के लिए पहले से अंतिम रूप से तय वैवाहिक विवाद को दोबारा नहीं उठा सकता।
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि मूल बिल्डर की देरी और डिफॉल्ट के लिए होमबायर्स को अतिरिक्त चार्ज का बोझ नहीं दिया जा सकता। जानिए पूरे मामले और फैसले का असर।
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि मां की कमाई को केवल आधार बनाकर पिता की बच्चों के भरण-पोषण की जिम्मेदारी कम नहीं की जा सकती। बच्चों की जरूरत और दोनों माता-पिता की भूमिका को ध्यान में रखना जरूरी है।
केरल हाई कोर्ट ने सरोगेसी कानून में निर्धारित उम्र सीमा को वैध माना और अधिक उम्र के कारण दंपति को पात्रता प्रमाणपत्र देने से इनकार किया।
दिल्ली हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि पावर ऑफ अटॉर्नी से संपत्ति का मालिकाना हक ट्रांसफर नहीं होता और एजेंट को बिक्री से मिली रकम उसके वास्तविक मालिक को देनी होती है।