नई दिल्ली: दिल्ली सरकार शहर में चल रहे Bed & Breakfast (B&B) प्रतिष्ठानों के लिए करीब दो दशक पुराने कानूनी ढांचे को बदलने की तैयारी कर रही है। सरकार मौजूदा कानून को समाप्त करके इसकी जगह एक नई और अधिक लचीली नीति लाने की दिशा में आगे बढ़ रही है।
यह बदलाव ऐसे समय में प्रस्तावित है जब जून में मालवीय नगर स्थित एक B&B में भीषण आग की घटना में 21 लोगों की मौत हो गई थी। इस हादसे के बाद दिल्ली में B&B और अन्य आवासीय प्रतिष्ठानों की सुरक्षा व्यवस्था तथा नियमों के पालन को लेकर बड़े स्तर पर जांच और कार्रवाई शुरू हुई।
क्यों बदला जा रहा है मौजूदा कानून?
दिल्ली में Bed & Breakfast प्रतिष्ठानों का नियमन फिलहाल National Capital Territory of Delhi (Incredible India) Bed and Breakfast Establishments (Registration and Regulation) Act, 2007 के तहत होता है। इसमें बाद में 2010 और 2021 में भी संशोधन किए गए थे।
सरकार का मानना है कि पिछले वर्षों में पर्यटन और हॉस्पिटैलिटी क्षेत्र में काफी बदलाव आया है। यात्रियों के लिए ठहरने के नए विकल्प सामने आए हैं और इस क्षेत्र की जरूरतें भी पहले जैसी नहीं रही हैं।
इसी वजह से सरकार पुराने वैधानिक ढांचे को हटाकर ऐसी व्यवस्था बनाना चाहती है, जो बदलते पर्यटन उद्योग के अनुरूप अधिक सुविधाजनक और लचीली हो।
विधानसभा में पेश होगा Repeal Bill
सरकार Delhi Bed and Breakfast Establishments (Repeal) Bill, 2026 विधानसभा में पेश करने जा रही है। इस विधेयक का मुख्य उद्देश्य 2007 के B&B कानून को समाप्त करना है।
हालांकि कानून खत्म करने का मतलब यह नहीं होगा कि वर्तमान में पंजीकृत सभी B&B तुरंत अवैध हो जाएंगे। प्रस्तावित विधेयक में मौजूदा पंजीकरण और अनुमतियों को लेकर संक्रमणकालीन व्यवस्था रखी गई है।
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मौजूदा B&B संचालकों के लिए क्या प्रावधान है?
प्रस्तावित व्यवस्था के अनुसार:
- पहले से जारी Registration और Certificates को तुरंत समाप्त नहीं किया जाएगा।
- पुराने कानून के तहत जारी आदेश और अनुमोदन भी निर्धारित परिस्थितियों में प्रभावी रहेंगे।
- पहले से शुरू हुई कानूनी कार्यवाही पर भी पुराने कानून के समाप्त होने का सीधा असर नहीं पड़ेगा।
- मौजूदा व्यवस्थाएं नई नीति के प्रावधानों से टकराव न होने तक जारी रह सकती हैं।
- कानून के औपचारिक रूप से समाप्त होने की तारीख सरकार द्वारा Official Gazette में अधिसूचित की जाएगी।
इसका उद्देश्य मौजूदा B&B संचालकों के बीच अचानक भ्रम या चिंता की स्थिति पैदा होने से बचाना भी है।
नई नीति में क्या बदलाव हो सकते हैं?
दिल्ली सरकार एक नई Executive Policy Framework तैयार कर रही है। इसका उद्देश्य Bed & Breakfast क्षेत्र को अधिक उदार और सहयोगी तरीके से संचालित करना बताया गया है।
नई नीति तैयार करते समय केवल पर्यटन को बढ़ावा देना ही लक्ष्य नहीं होगा। सरकार ने स्पष्ट किया है कि B&B प्रतिष्ठानों को लागू सुरक्षा, सार्वजनिक स्वास्थ्य, नगर निकाय से जुड़े नियमों और सार्वजनिक व्यवस्था संबंधी कानूनों का पालन करना होगा।
नई व्यापक नीति अभी तैयार होने की प्रक्रिया में है। इसे आगे मंजूरी के लिए दिल्ली के मंत्रिपरिषद के सामने रखा जाएगा।
नई नीति बनने तक नए रजिस्ट्रेशन पर रोक
प्रस्तावित बदलाव का एक महत्वपूर्ण हिस्सा नए आवेदन से जुड़ा है।
संक्रमण अवधि के दौरान नए B&B रजिस्ट्रेशन और मौजूदा कानून के तहत लंबित आवेदनों की प्रक्रिया रोककर रखी जाएगी। यानी नई नीति लागू होने तक नए आवेदकों को पुराने नियमों के आधार पर पंजीकरण मिलने की प्रक्रिया प्रभावित होगी।
मालवीय नगर हादसे के बाद बढ़ी सख्ती
B&B कानून में बदलाव की प्रक्रिया को जून में मालवीय नगर में हुई आग की घटना की पृष्ठभूमि में भी देखा जा रहा है। इस हादसे में 21 लोगों की जान गई थी।
घटना के बाद दिल्ली में ऐसे प्रतिष्ठानों की जांच तेज की गई, जहां सुरक्षा नियमों और भवन संबंधी प्रावधानों के उल्लंघन की आशंका थी।
दिल्ली पर्यटन विभाग के तहत वर्तमान कानून के अनुसार 750 से अधिक B&B प्रतिष्ठान पंजीकृत बताए गए हैं।
पुराने कानून की जगह कैसी व्यवस्था आएगी?
सरकार का संकेत है कि भविष्य की व्यवस्था पुराने कठोर वैधानिक ढांचे के बजाय एक व्यापक नीति पर आधारित होगी। इसका उद्देश्य पर्यटन और हॉस्पिटैलिटी क्षेत्र में नए प्रकार के आवास विकल्पों को ध्यान में रखते हुए नियमों को अधिक व्यावहारिक बनाना है।
हालांकि, नई नीति के अंतिम प्रावधान सामने आने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि B&B मालिकों के लिए पंजीकरण, संचालन, सुरक्षा मानकों और अन्य अनुपालनों में वास्तव में क्या बदलाव किए जाएंगे।
आसान भाषा में समझें
| मुद्दा | प्रस्तावित स्थिति |
|---|---|
| पुराना B&B कानून | समाप्त किया जाएगा |
| नया कानून/नीति | नई नीति तैयार की जा रही है |
| मौजूदा पंजीकृत B&B | संक्रमण व्यवस्था के तहत संरक्षण |
| नए रजिस्ट्रेशन | नई व्यवस्था बनने तक लंबित/रुके रहेंगे |
| सुरक्षा नियम | लागू रहेंगे |
| नई नीति की मंजूरी | मंत्रिपरिषद के समक्ष रखी जाएगी |
| कानून समाप्त होने की तारीख | Official Gazette में अधिसूचना के बाद |
B&B मालिकों और यात्रियों के लिए इसका क्या मतलब है?
फिलहाल यह बदलाव मुख्य रूप से नियामकीय ढांचे में परिवर्तन की प्रक्रिया है। मौजूदा B&B संचालकों के लिए तत्काल बड़े बदलाव की बजाय संक्रमणकालीन व्यवस्था प्रस्तावित है।
वहीं, भविष्य की नीति से दिल्ली में छोटे आवासीय प्रतिष्ठानों के संचालन का तरीका बदल सकता है। सरकार एक ओर नियमों को अधिक लचीला बनाना चाहती है, जबकि दूसरी ओर सुरक्षा और स्थानीय कानूनों के पालन को बनाए रखना चाहती है।
इसलिए नई नीति के अंतिम रूप और उसकी अधिसूचना का इंतजार महत्वपूर्ण होगा।
निष्कर्ष: दिल्ली सरकार करीब 20 साल पुराने Bed & Breakfast कानून को हटाकर इस क्षेत्र के लिए नई नीति लाने की तैयारी में है। प्रस्तावित बदलाव का उद्देश्य बदलते पर्यटन उद्योग के अनुरूप व्यवस्था को अधिक लचीला बनाना है। साथ ही, मालवीय नगर की आग जैसी घटनाओं के बाद सुरक्षा मानकों को नजरअंदाज नहीं किया जाएगा। नई नीति लागू होने के बाद ही B&B संचालकों के लिए वास्तविक नियम और प्रक्रियाएं पूरी तरह स्पष्ट होंगी।