भारत सरकार ने देश में नवीकरणीय ऊर्जा को बढ़ावा देने और बिजली के ट्रांसमिशन नेटवर्क को मजबूत बनाने के लिए PM-DHARA Scheme को मंजूरी दी है। इस योजना के तहत राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में बिजली ट्रांसमिशन व्यवस्था को मजबूत किया जाएगा, ताकि सौर और पवन ऊर्जा जैसी नवीकरणीय बिजली को बेहतर तरीके से ग्रिड तक पहुंचाया जा सके।
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 30 सितंबर 2026 को PM-DHARA से जुड़े Green Energy Corridor Phase-III कार्यक्रम को मंजूरी दी। इस पूरे कार्यक्रम का कुल प्रोजेक्ट आउटले ₹1,86,405 करोड़ रखा गया है। इसके माध्यम से राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में 135 GW तक नवीकरणीय ऊर्जा के पावर इवैक्यूएशन की क्षमता विकसित करने का लक्ष्य है।
योजना में 50 GWh Battery Energy Storage Systems (BESS) की स्थापना भी शामिल है। इसका उद्देश्य नवीकरणीय ऊर्जा की अनियमित उपलब्धता, ट्रांसमिशन में भीड़ और पीक समय की बिजली कटौती जैसी समस्याओं से निपटने में ग्रिड को अधिक लचीला बनाना है।
PM DHARA क्या है?
PM-DHARA का पूरा नाम PM-Developing Harmonized and Accelerated Renewable-energy Access है।
यह पहल मुख्य रूप से भारत की Intra-State Transmission System (InSTS) को मजबूत करने पर केंद्रित है। आसान भाषा में कहें तो योजना के तहत राज्यों के अंदर बिजली को एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचाने वाले ट्रांसमिशन नेटवर्क को मजबूत किया जाएगा।
भारत में सौर और पवन ऊर्जा की क्षमता बढ़ रही है। ऐसे में केवल बिजली उत्पादन क्षमता बढ़ाना पर्याप्त नहीं है। उत्पादित बिजली को उन क्षेत्रों तक पहुंचाने के लिए मजबूत ट्रांसमिशन नेटवर्क भी जरूरी है जहां उसकी जरूरत है।
PM-DHARA इसी ट्रांसमिशन और ग्रिड इन्फ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कार्यक्रम है।
PM DHARA Scheme 2026 के मुख्य बिंदु
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| योजना का नाम | PM-DHARA |
| पूरा नाम | PM-Developing Harmonized and Accelerated Renewable-energy Access |
| संबंधित कार्यक्रम | Green Energy Corridor Phase-III |
| कुल प्रोजेक्ट आउटले | ₹1,86,405 करोड़ |
| Intra-State Transmission System | ₹1,36,378 करोड़ |
| Battery Energy Storage Systems | ₹50,000 करोड़ |
| बैटरी स्टोरेज क्षमता | 50 GWh |
| नवीकरणीय ऊर्जा इवैक्यूएशन | 135 GW तक |
| केंद्रीय वित्तीय सहायता | ₹54,082 करोड़ |
| लक्ष्य वर्ष | वित्त वर्ष 2032-33 |
| कार्यान्वयन एजेंसी | State Transmission Utilities |
ये आंकड़े केंद्र सरकार द्वारा जारी ताजा जानकारी पर आधारित हैं।
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PM DHARA का कुल बजट कितना है?
PM DHARA से जुड़े कार्यक्रम के लिए कुल ₹1,86,405 करोड़ का प्रोजेक्ट आउटले मंजूर किया गया है।
इस राशि को मुख्य रूप से दो बड़े हिस्सों में रखा गया है।
ट्रांसमिशन सिस्टम के लिए ₹1,36,378 करोड़
Green Energy Corridor Phase-III के अंतर्गत Intra-State Transmission Systems के विकास के लिए ₹1,36,378 करोड़ निर्धारित किए गए हैं।
इसका उद्देश्य राज्यों के अंदर बिजली ट्रांसमिशन नेटवर्क को मजबूत करना और नवीकरणीय ऊर्जा को ग्रिड में शामिल करने की क्षमता बढ़ाना है।
बैटरी स्टोरेज के लिए ₹50,000 करोड़
योजना के तहत 50 GWh Battery Energy Storage Systems की तैनाती के लिए ₹50,000 करोड़ का प्रावधान किया गया है।
बैटरी स्टोरेज को नवीकरणीय ऊर्जा उत्पादन और बिजली की मांग के बीच बेहतर तालमेल बनाने के लिए इस्तेमाल किया जाएगा।
PM DHARA के तहत 135 GW Renewable Energy का लक्ष्य
PM DHARA का एक प्रमुख उद्देश्य 135 GW तक नवीकरणीय ऊर्जा के इवैक्यूएशन के लिए ट्रांसमिशन क्षमता तैयार करना है।
यहां इवैक्यूएशन का अर्थ बिजली उत्पादन केंद्रों से पैदा हुई बिजली को ट्रांसमिशन नेटवर्क के माध्यम से आगे पहुंचाना है।
सौर और पवन ऊर्जा उत्पादन मौसम और समय पर निर्भर करता है। इसलिए इनके बड़े पैमाने पर इस्तेमाल के लिए ऐसा ग्रिड चाहिए जो बदलते उत्पादन और बिजली की मांग दोनों को संभाल सके।
PM-DHARA के तहत ट्रांसमिशन नेटवर्क को मजबूत करने से नवीकरणीय ऊर्जा को राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के भीतर ग्रिड तक पहुंचाने में मदद मिलेगी।
PM DHARA में 50 GWh Battery Storage क्यों लगाया जाएगा?
PM DHARA में 50 GWh Battery Energy Storage Systems का प्रावधान किया गया है।
इन बैटरी सिस्टम को Renewable Energy developer या generator के स्तर पर अथवा ग्रिड के लिए उपयोगी अन्य स्थानों पर लगाया जा सकता है।
इसका उद्देश्य कई तरह की बिजली संबंधी समस्याओं को संभालना है, जैसे:
- सौर और पवन ऊर्जा का लगातार एक जैसा उत्पादन न होना
- ट्रांसमिशन नेटवर्क में congestion
- पीक आवर्स में renewable power curtailment
- सूर्य की रोशनी उपलब्ध नहीं होने के समय बिजली की मांग
- ग्रिड में अधिक flexibility की जरूरत
इस तरह Battery Energy Storage System नवीकरणीय बिजली को ज्यादा प्रभावी तरीके से इस्तेमाल करने में मदद कर सकता है।
PM DHARA में Central Financial Support कितना है?
PM DHARA कार्यक्रम में कुल ₹54,082 करोड़ की Central Financial Support शामिल है।
सरकार के अनुसार यह वित्तीय सहायता राज्यों के भीतर ट्रांसमिशन शुल्क के प्रभाव को कम करने में मदद करेगी। इसका उद्देश्य बिजली की लागत को नीचे रखने में सहायता करना है, जिसका लाभ अंततः बिजली उपभोक्ताओं तक पहुंच सकता है।
PM DHARA कब तक लागू किया जाएगा?
PM DHARA से जुड़े Green Energy Corridor Phase-III कार्यक्रम को वित्त वर्ष 2032-33 तक स्थापित करने का लक्ष्य रखा गया है।
इसलिए यह किसी एक समय में पूरा होने वाली योजना नहीं है। इसके तहत अलग-अलग राज्यों में ट्रांसमिशन और बैटरी स्टोरेज से जुड़े प्रोजेक्ट चरणबद्ध तरीके से विकसित किए जाएंगे।
PM DHARA के तहत कौन-कौन से काम होंगे?
इस कार्यक्रम के अंतर्गत मुख्य रूप से दो तरह के कामों पर ध्यान दिया जाएगा:
नए ट्रांसमिशन प्रोजेक्ट
Greenfield projects को Tariff Based Competitive Bidding (TBCB) के माध्यम से लागू किया जाएगा।
इस व्यवस्था में योग्य Transmission Service Providers प्रतिस्पर्धी बोली प्रक्रिया के माध्यम से प्रोजेक्ट हासिल कर सकते हैं।
मौजूदा नेटवर्क का विस्तार और अपग्रेड
Brownfield upgradation तथा नेटवर्क को मजबूत करने वाले कार्य Cost Plus Basis (CPB) के आधार पर किए जाएंगे।
इससे मौजूदा ट्रांसमिशन इंफ्रास्ट्रक्चर को जरूरत के अनुसार मजबूत किया जा सकेगा।
PM DHARA की जिम्मेदारी किसकी होगी?
PM DHARA के Intra-State Transmission System वाले हिस्से के लिए State Transmission Utilities (STUs) को मुख्य कार्यान्वयन एजेंसी बनाया गया है।
Greenfield projects में Transmission Service Providers TBCB व्यवस्था के तहत Build-Own-Operate-Maintain (BOOM) मॉडल पर काम करेंगे।
इसका मतलब है कि नए ट्रांसमिशन प्रोजेक्ट के निर्माण के साथ उनके संचालन और रखरखाव की जिम्मेदारी भी निर्धारित व्यवस्था के अनुसार संबंधित सेवा प्रदाता के पास होगी।
PM DHARA से आम लोगों को क्या लाभ होगा?
PM DHARA कोई ऐसी योजना नहीं है जिसमें आम नागरिक को सीधे पैसे, सब्सिडी या किसी व्यक्तिगत लाभ के लिए ऑनलाइन आवेदन करना हो।
इसका लाभ मुख्य रूप से बिजली और ऊर्जा इन्फ्रास्ट्रक्चर के माध्यम से अप्रत्यक्ष रूप से मिलने की उम्मीद है।
योजना के तहत बेहतर ट्रांसमिशन नेटवर्क विकसित होने से:
- Renewable energy को ग्रिड में शामिल करना आसान हो सकता है।
- राज्यों में बिजली ट्रांसमिशन क्षमता बढ़ेगी।
- Renewable power evacuation के लिए अतिरिक्त क्षमता तैयार होगी।
- Battery storage के कारण ग्रिड flexibility बढ़ सकती है।
- ट्रांसमिशन चार्ज के प्रभाव को कम करने में सरकारी सहायता मिल सकती है।
- बिजली क्षेत्र में नए इंफ्रास्ट्रक्चर और रोजगार के अवसर बन सकते हैं।
केंद्र सरकार ने यह भी बताया है कि कार्यक्रम से पावर, मैन्युफैक्चरिंग और कंस्ट्रक्शन सेक्टर में प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार पैदा होने की उम्मीद है।
PM DHARA और Green Energy Corridor Phase 3 का संबंध
PM DHARA को Green Energy Corridor Phase-III (GEC-III) से जोड़ा गया है।
Green Energy Corridor का व्यापक उद्देश्य Renewable Energy को बिजली ग्रिड के साथ बेहतर तरीके से जोड़ने के लिए आवश्यक ट्रांसमिशन नेटवर्क तैयार करना है।
GEC-III के तहत Intra-State Transmission System को मजबूत करने के साथ Battery Energy Storage Systems को भी कार्यक्रम में शामिल किया गया है।
इससे Renewable Energy की बढ़ती क्षमता के साथ ट्रांसमिशन और स्टोरेज इंफ्रास्ट्रक्चर को भी विकसित करने की कोशिश की जा रही है।
PM DHARA और 2035 का 900 GW लक्ष्य
सरकार के अनुसार PM DHARA कार्यक्रम भारत के 2035 तक 900 GW installed non-fossil capacity के लक्ष्य को समर्थन देगा।
Non-fossil energy capacity में ऐसी बिजली उत्पादन क्षमता शामिल होती है जो जीवाश्म ईंधन पर आधारित नहीं होती।
Renewable energy की क्षमता बढ़ने के साथ उसे ग्रिड तक पहुंचाने के लिए मजबूत ट्रांसमिशन सिस्टम की आवश्यकता भी बढ़ती है। PM DHARA इसी आवश्यकता से जुड़े इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने पर केंद्रित है।
PM DHARA से रोजगार के अवसर
इस कार्यक्रम से केवल बिजली ट्रांसमिशन इंफ्रास्ट्रक्चर ही नहीं, बल्कि इससे जुड़े कई क्षेत्रों में रोजगार की मांग बढ़ने की संभावना है।
निर्माण और ट्रांसमिशन प्रोजेक्ट के दौरान निर्माण क्षेत्र में काम के अवसर पैदा हो सकते हैं। इसके अलावा Battery Energy Storage Systems के निर्माण और deployment से domestic energy storage industry को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
योजना के तहत Operation, Maintenance और Grid Management जैसे क्षेत्रों में लंबे समय के skilled employment के अवसर भी बनने की बात सरकार ने कही है।
क्या PM DHARA के लिए आम नागरिक आवेदन कर सकते हैं?
नहीं। PM DHARA कोई सामान्य beneficiary-based scheme नहीं है जिसमें नागरिकों को आवेदन करके पैसा या व्यक्तिगत सब्सिडी मिलती हो।
यह मुख्य रूप से Renewable Energy Transmission और Battery Energy Storage Infrastructure से संबंधित सरकारी कार्यक्रम है।
इसलिए PM DHARA के नाम से यदि कोई वेबसाइट या व्यक्ति आम नागरिक से ऑनलाइन आवेदन के बदले शुल्क मांगता है, तो आधिकारिक सरकारी स्रोत से उसकी जानकारी की जांच करना जरूरी है।
PM DHARA Scheme 2026 FAQs
PM DHARA क्या है?
PM DHARA यानी PM-Developing Harmonized and Accelerated Renewable-energy Access एक पहल है जिसका उद्देश्य Intra-State Transmission System को मजबूत करना और Renewable Energy को ग्रिड से बेहतर तरीके से जोड़ना है।
PM DHARA का बजट कितना है?
PM DHARA से जुड़े कार्यक्रम का कुल प्रोजेक्ट आउटले ₹1,86,405 करोड़ है।
PM DHARA में कितनी Renewable Energy क्षमता के लिए ट्रांसमिशन बनाया जाएगा?
इस कार्यक्रम के माध्यम से 135 GW तक Renewable Energy के evacuation को सक्षम बनाने का लक्ष्य है।
PM DHARA में Battery Storage कितना है?
योजना के तहत 50 GWh Battery Energy Storage Systems की तैनाती की जाएगी।
PM DHARA के लिए Central Financial Support कितना है?
सरकार ने कुल ₹54,082 करोड़ की Central Financial Support का प्रावधान किया है।
PM DHARA कब तक पूरा होगा?
कार्यक्रम को FY 2032-33 तक स्थापित करने का लक्ष्य रखा गया है।
क्या PM DHARA के लिए ऑनलाइन आवेदन शुरू हुआ है?
PM DHARA व्यक्तिगत लाभार्थियों के लिए आवेदन आधारित योजना नहीं है। इसका मुख्य उद्देश्य Renewable Energy transmission और storage infrastructure तैयार करना है।
PM DHARA का पूरा नाम क्या है?
PM DHARA का पूरा नाम PM-Developing Harmonized and Accelerated Renewable-energy Access है।
PM DHARA Scheme 2026 भारत के Renewable Energy और Power Transmission Infrastructure से जुड़ी एक बड़ी पहल है। ₹1,86,405 करोड़ के कुल प्रोजेक्ट आउटले के साथ इसमें 135 GW तक Renewable Energy evacuation और 50 GWh Battery Energy Storage की व्यवस्था शामिल है।
इस कार्यक्रम का एक बड़ा हिस्सा राज्यों के Intra-State Transmission Systems को मजबूत करने पर खर्च किया जाएगा, जबकि Battery Energy Storage को Renewable Energy की अनियमितता और ग्रिड flexibility जैसी जरूरतों को संभालने के लिए इस्तेमाल किया जाएगा।
PM DHARA का लक्ष्य किसी व्यक्ति को सीधे आर्थिक सहायता देना नहीं, बल्कि भारत के बिजली ग्रिड को बढ़ती Renewable Energy क्षमता के लिए तैयार करना है। कार्यक्रम को FY 2032-33 तक लागू करने का लक्ष्य रखा गया है और सरकार के अनुसार यह 2035 तक 900 GW non-fossil capacity के लक्ष्य को भी समर्थन देगा।